दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पार्टी का यह विरोध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्र सरकार के दफ्तरों के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश बताया है।
इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट पूरी तरह निराधार और अवैध है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष को डराने और असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। इसी बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे बदले की राजनीति करार दिया।
केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी या उसके दो वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे विपक्ष को एक चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि सरकार असहमति की कोई आवाज बर्दाश्त नहीं करना चाहती।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की ED पर टिप्पणी
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार के खिलाफ पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईडी का उद्देश्य सिर्फ विपक्ष को परेशान करना है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर गुजरात में राहुल गांधी की यात्रा और उसी दौरान चार्जशीट दाखिल करने का उल्लेख किया। इमरान ने कहा कि भाजपा विपक्षी पार्टियों को दबाना चाहती है, खासकर बिहार, गुजरात और असम चुनावों के संदर्भ में। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी परिवार ने देश के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं और कांग्रेस पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही है।
देशभर में होगा बड़ा विरोध
कांग्रेस ने चेताया कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। पार्टी का कहना है कि वह सच्चाई और न्याय की ताकत से इस राजनीतिक उत्पीड़न का सामना करेगी। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे जनता के बीच जाकर सच्चाई सामने लाएंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।
