बिलासपुर। बिल्हा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने राइस मिल की आलमारी से नकदी चोरी करने वाले युवक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी दूध बेचने के बहाने गांव-गांव घूमकर सूने मकानों और संस्थानों की रेकी करता था, फिर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाख छह हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
बिल्हा निवासी अनिश अग्रवाल (24) ने बिल्हा थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। व्यवसायी ने बताया कि ग्राम गुमा स्थित उनकी राइस मिल में चोरी हुई है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने बैंक से निकालकर एक लाख 55 हजार रुपये राइस मिल की आलमारी में रखे थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मिल में घुसकर आलमारी से नकदी के साथ एक मोबाइल फोन भी चोरी कर लिया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान साइबर सेल ने चोरी गए मोबाइल की तकनीकी जांच शुरू की। इसमें पता चला कि झलफा निवासी रितेश यादव (20) उस मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की घटना कबूल कर ली। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दूध बेचने का काम करता है। इसी बहाने वह गांवों में जाकर यह पता करता था कि कौन से मकान या संस्थान सूने रहते हैं। रेकी पूरी होने के बाद वह रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की रकम में से एक लाख छह हजार रुपये जब्त कर लिए हैं। शेष रकम खर्च हो चुकी थी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने इससे पहले भी आपराधिक घटना को अंजाम दिया था। करीब एक महीने पहले वह मुढ़ीपार स्थित एक राशन दुकान में चोरी की नीयत से घुसा था। जब दुकान में उसे नकदी नहीं मिली, तो उसने गुस्से में चावल के बारदानों में आग लगा दी थी। आगजनी की घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस उस मामले में भी आरोपी की तलाश कर रही थी। राइस मिल चोरी के मामले के खुलासे के साथ ही पुलिस ने आगजनी की घटना को भी सुलझा लिया है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने कहीं और भी चोरी की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया है।
