राजनीति

इंडिया अलायंस की रणनीति: मानसून सत्र में पहलगाम, ट्रंप के दावे और बिहार एसआईआर को प्रमुखता से उठाने का ऐलान

विपक्षी गठबंधन ‘भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन’ (INDIA) के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को फैसला किया कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों, बिहार में चल रही विशेष गहन समीक्षा (SIR) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

वे इस मांग पर भी सहमत हुए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के दावों पर जवाब दें। विपक्षी गठबंधन के दलों के प्रमुख नेताओं ने एक ऑनलाइन बैठक की और फैसला किया कि जल्द ही वे व्यक्तिगत रूप से एक बैठक करेंगे। बैठक में ये बड़े नेता शामिल हुए

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूटी) के उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कुछ अन्य नेता बैठक में शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीएमके नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन बैठक में शामिल नहीं हुए, हालाँकि उनकी जगह अभिषेक बनर्जी और तिरुचि शिवा ने बैठक में भाग लिया।

बैठक में 8 मुख्य मुद्दे उठे

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सबसे पहले अपनी बात रखी और फिर उनकी जगह रामगोपाल यादव बैठक में शामिल हुए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, बैठक में देश और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई, जिन्हें हम संसद सत्र के दौरान उठाएंगे।

सभी की सहमति से इस बैठक में 8 मुख्य मुद्दे सामने आए हैं। पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, युद्ध विराम और व्यापार पर ट्रंप का बयान, बिहार में SIR के नाम पर वोटिंग पर रोक, विदेश नीति के मुद्दे (पाकिस्तान, चीन, गाजा), परिसीमन और देश में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्गों पर हो रहे अत्याचारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद विमान हादसा जैसे कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

तिवारी ने इस बात पर जोर दिया, मोदी सरकार जिस तरह से देश के हितों की अनदेखी कर रही है, उसके खिलाफ हम सभी एकजुट होकर लोकतांत्रिक ढंग से सदन में अपने विषय उठाएंगे। हम चाहेंगे कि संसद चले और मोदी सरकार हमारे सवालों का जवाब दे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने इन प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया और कहा कि इन पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बैठक में कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमला खुफिया विफलता का परिणाम था और भारत की विदेश नीति का क्षरण हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि खुफिया विफलता के बावजूद आईबी प्रमुख को सेवा विस्तार क्यों दिया गया? क्या मजबूरी थी?

आप ने दिया गठबंधन को झटका

अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पुनरीक्षण की कवायद पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करने का प्रयास है। बैठक में कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा और न्यायमूर्ति शेखर यादव के मामलों को भी उठाया जाएगा। पहले यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर होनी थी, लेकिन कुछ प्रमुख नेताओं की दिल्ली में अनुपलब्धता के कारण यह बैठक डिजिटल माध्यम से आयोजित की गई। इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक लंबे समय बाद हुई है। इस बैठक से एक दिन पहले शुक्रवार को गठबंधन को उस वक्त बड़ा झटका लगा था जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने इंडिया गठबंधन से दूरी बनाते हुए कहा कि वह अब विपक्षी गठजोड़ का हिस्सा नहीं है और इसका नेतृत्व करने में कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाया था।

सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान शुक्रवार को केरल में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा वामपंथियों और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना का मुद्दा भी उठाया गया। सूत्रों के मुताबिक, भाकपा नेता डी. राजा ने गांधी का जिक्र किए बिना यह मुद्दा उठाया और कहा कि वामपंथियों के खिलाफ इस तरह के बयान से देश भर में उनके कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जाता है और इनसे बचना चाहिए। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग के अलावा किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों को उठाने का भी संकल्प जताया है।

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