दिव्यांगों को सशक्त बनाने में जुटी केंद्र सरकार ने उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब केंद्र सरकार से जुड़ी सभी आवास योजनाओं में उनके लिए चार फीसदी मकान आरक्षित रहेंगे। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबका साथ-सबका विकास पहल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। संपदा निदेशालय ने गुरुवार को दिव्यांग अधिकार अधिनियम- 2016 के अनुरूप केंद्र से जुड़ी सभी आवास योजनाओं में दिव्यांगों को समुचित लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार हर नागरिक के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध : मनोहर लाल
इससे पहले सरकार ने सुगम्य भारत अभियान के तहत सभी सरकारी भवनों और स्कूलों आदि तक दिव्यांगों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए विशेष रैंप का निर्माण कराया है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल हर नागरिक के सशक्तीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और समावेशी व सुगम्य भारत की नींव को भी मजबूत करती है।
गौरतलब है कि 2011 की जनगणना में देश में दिव्यांगों की संख्या करीब 2.68 करोड़ थी। ऐसे में इनके सशक्तिकरण के लिए सरकार ने 2012 में एक अलग विभाग बनाया है। जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन है।
