बलौदाबाजार ज़िले में एक संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां खेत में एक हिरण का शावक (बच्चा) भटकता हुआ मिला। जानकारी के अनुसार, यह घटना पलारी ब्लॉक के जोराडबरी गांव की है। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अजय ध्रुव नामक किसान अपने खेत में काम करने गए थे, तभी उन्होंने देखा कि खेत के किनारे एक छोटा सा हिरण का बच्चा डरा-सहमा खड़ा है।
पहली नज़र में ऐसा लगा कि वह अपनी मां से बिछड़ गया है और जंगल की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है। किसान ने आसपास देखा लेकिन हिरण की मां कहीं दिखाई नहीं दी। बच्चा कुछ दूर तक भागा, लेकिन फिर वहीं थम गया। अजय ध्रुव ने इसकी सूचना ग्रामीणों और वन विभाग को दी।
थोड़ी ही देर में कुछ राहगीर भी मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर शावक को सुरक्षित तरीके से जंगल के किनारे पहुंचाया, ताकि उसकी मां उसे पहचानकर वापस ले जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि पास के धमनी जंगल क्षेत्र में अक्सर हिरणों के झुंड देखे जाते हैं, और यह शावक संभवतः किसी आवाज़ या खतरे से डरकर अपने झुंड से अलग हो गया होगा।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम बेहद सराहनीय है। अगर ग्रामीण समय पर सतर्कता न दिखाते, तो जंगली कुत्ते या अन्य शिकारी जानवर उस शावक को नुकसान पहुंचा सकते थे। वनकर्मी अब जंगल क्षेत्र में निगरानी रख रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिरण का बच्चा अपनी मां के साथ सुरक्षित रूप से मिल जाए।
ग्रामीण अजय ध्रुव ने कहा कि “हमने मानवता के नाते यह काम किया है। जंगल हमारे जीवन का हिस्सा है और वन्यजीवों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी भी है।”
इस घटना ने पूरे इलाके में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। बलौदाबाजार के स्थानीय लोग इस घटना को उदाहरण के तौर पर ले रहे हैं कि थोड़ी सी जागरूकता और संवेदना से हम कई जिंदगियां बचा सकते हैं।
