राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय से जुड़े तीन स्थानों पर एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने छापेमारी की कार्रवाई की है। एसीबी की टीमों ने मालवीय के दो पेट्रोल पंपों और एक क्रशर प्लांट की जांच की, जहां दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मालवीय ने हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी की घोषणा की थी, जिसके चलते इसकी टाइमिंग पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, बांसवाड़ा यूनिट की टीमों ने कालिंजरा इलाके में स्थित भैरवजी कृपा फिलिंग स्टेशन, बागीडोरा में भैरवजी फिलिंग स्टेशन और मोती टिम्बी में क्रशर प्लांट पर जांच की। क्रशर प्लांट मालवीय के बेटे प्रेम प्रताप सिंह के नाम पर दर्ज है।
एजेंसी ने अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड्स की पड़ताल की गई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है कि क्या कोई जब्ती हुई या नहीं।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय, जो बागीडोरा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं और 1998 में बांसवाड़ा से सांसद भी चुने गए थे, ने तीन दिन पहले ही भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में लौटने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उनका दिल हमेशा कांग्रेस के साथ रहा है।
इससे पहले 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी और बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के राजकुमार रोत से करीब 2.5 लाख वोटों से हार गए।
इस छापेमारी पर मालवीय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है, लेकिन वे इससे विचलित नहीं होंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पेट्रोल पंप मीटर से मीटर चलते हैं और कमीशन का भुगतान चेक से होता है, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।
क्रशर प्लांट पर भी सबकुछ नियमों के मुताबिक चल रहा है। मालवीय ने जोर देकर कहा कि एसीबी की यह कार्रवाई उनके कांग्रेस में वापसी के फैसले को प्रभावित नहीं करेगी और वे मजबूती से खड़े रहेंगे।
