नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई नियम बदलने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ सकता है। 1 अप्रैल 2025 से बैंकिंग, जीएसटी, इनकम टैक्स और डिजिटल पेमेंट जैसे कई सेक्टर में बदलाव लागू हो जाएंगे, जिसका असर हर आम नागरिक और कारोबारी की जेब पर पड़ेगा।
ऐसे में अगर आप पहले से तैयारी कर लें तो किसी भी परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले 10 बड़े बदलावों के बारे में…
1. UPI नियमों में बदलाव
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 1 अप्रैल, 2025 से ऐसे मोबाइल बैंकों के UPI ट्रांजैक्शन बंद करने जा रहा है, जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं। यानी अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना नंबर जुड़ा है, जो लंबे समय से बंद है, तो UPI ट्रांजैक्शन जारी रखने के लिए आपको 1 अप्रैल, 2025 से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक कर लेना चाहिए। अगर आप 1 अप्रैल, 2025 से पहले यह काम पूरा नहीं करते हैं, तो आपको UPI से ट्रांजैक्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
2. निष्क्रिय खाते बंद किए जाएंगे
1 अप्रैल, 2025 से NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) धोखाधड़ी और फिशिंग स्कैम को रोकने के लिए पिछले 12 महीनों में इस्तेमाल नहीं किए गए UPI ID को निष्क्रिय कर देगा। जो यूजर अपनी निष्क्रिय UPI ID को फिर से सक्रिय नहीं करेंगे, वे उन्हें पूरी तरह से खो सकते हैं। इसलिए बिना किसी रुकावट के डिजिटल पेमेंट करने के लिए आपको डॉरमेंट अकाउंट्स यूपीआई आईडी को फिर से एक्टिवेट करना होगा।
3. अब एफडी करना होगा ज्यादा फायदेमंद
अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। 1 अप्रैल से बैंक एफडी, आरडी और ऐसी दूसरी बचत योजनाओं पर मिलने वाले 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटेगा। ध्यान दें कि यह सीमा वरिष्ठ नागरिकों के लिए तय की गई है, पहले उनके लिए यह सीमा 50 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, अन्य निवेशकों को भी राहत दी गई है और उनके लिए यह सीमा 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। यानी अगर किसी वरिष्ठ नागरिक को एफडी पर एक साल में 1 लाख रुपये तक का ब्याज मिलता है तो उस पर कोई टीडीएस नहीं कटेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीमा को सीधे दोगुना कर दिया गया है, जिससे उन्हें काफी फायदा होगा।
4. बचत खाते और FD की ब्याज दरों में बदलाव
कई बैंक 1 अप्रैल से बचत खाते और FD की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रहे हैं। SBI बैंक, HDFC बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और IDBI बैंक जैसे कई बैंकों ने अपनी FD और स्पेशल FD की ब्याज दरों में बदलाव किया है। आप बैंक की वेबसाइट पर जाकर 1 अप्रैल से लागू होने वाली ब्याज दरों को चेक कर सकते हैं।
5. डिविडेंड पाने के लिए पैन-आधार लिंक करना होगा
अगर आपका पैन-आधार लिंक नहीं है, तो 1 अप्रैल से आपको शेयरों पर डिविडेंड नहीं मिलेगा। इसके साथ ही कैपिटल गेन पर TDS की कटौती भी बढ़ जाएगी और आपको फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट नहीं मिलेगा।
6. डीमैट-म्यूचुअल फंड अकाउंट के नियम होंगे सख्त
सेबी ने म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट खोलने के नियमों को और सख्त कर दिया है, नए नियमों के मुताबिक सभी निवेशकों को अपने KYC और नॉमिनी की जानकारी फिर से अपडेट करानी होगी। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है। हालांकि, आप फ्रीज किए गए खाते को फिर से चालू कर सकते हैं।
7. बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी
1 अप्रैल से अगर आपके बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है, तो बैंक आप पर जुर्माना लगा सकता है। अलग-अलग बैंकों की न्यूनतम बैलेंस सीमा अलग-अलग हो सकती है, इसलिए जुर्माने से बचने के लिए अपने बैंक की नीतियों को समझना जरूरी है।
8. जीएसटी नियमों में बदलाव
भारत सरकार नए वित्तीय वर्ष में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल, 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (आईएसडी) सिस्टम लागू होने जा रहा है। इस बदलाव का मकसद राज्यों के बीच कर राजस्व के सही वितरण की गारंटी देना है।
यह बदलाव जीएसटी प्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आईएसडी सिस्टम न केवल राज्यों के बीच कर राजस्व वितरित करेगा, बल्कि व्यवसायों को अपनी कर देनदारी को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी मदद करेगा।
9. एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में होगा बदलाव
जैसा कि आप जानते हैं कि हर महीने की शुरुआत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की पहले समीक्षा की जाती है और फिर उसमें संशोधन किया जाता है। 1 अप्रैल से तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। आपको बता दें कि गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर के आधार पर तय होती है।
10. नए टैक्स नियम लागू होंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में मध्यम वर्ग को आयकर में बड़ी राहत दी। 1 अप्रैल 2025 से सालाना 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री होगी, लेकिन यह राहत सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी जो नई टैक्स व्यवस्था चुनेंगे।
आकलन वर्ष 2025-26 आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू होगा। यानी अब से नई टैक्स व्यवस्था ही लागू होगी। यदि कोई करदाता 80सी का लाभ लेने के लिए पुरानी कर व्यवस्था के तहत कर दाखिल करना चाहता है तो उसे यह विकल्प अलग से चुनना होगा।
