September 19, 2021

प्रशांत किशोर टीम के 23 सदस्य को त्रिपुरा पुलिस ने होटल में किए नजरबंद

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी की एक टीम को त्रिपुरा के एक होटल में नजरबंद कर दिया गया है, जहां वे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए कुछ जमीनी कार्य करने गए थे. आईपैक के सूत्रों ने बताया कि त्रिपुरा पुलिस सुबह से ही होटल की लॉबी में डेरा डाले हुए है और उन्हें होटल परिसर से बाहर नहीं जाने दे रही है I

IPAC के 22 कर्मचारी तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक स्थिति और संभावित समर्थन आधार का आकलन करने के लिए अगरतला आए थे. सोमवार सुबह, पुलिस ने कथित तौर पर यह कहते हुए टीम को होटल से बाहर निकलने से रोक दिया कि उन्होंने कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है. आईपैक के सूत्रों ने कहा कि टीम के पास सभी जरूरी कोविड पेपर्स थे. पुलिस ने कहा कि होटल में टीम से पूछताछ रूटीन चेक-अप का हिस्सा था I

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने पश्चिम त्रिपुरा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी माणिक दास के हवाले से कहा कि लगभग 22 आउटसाइडर अलग-अलग जगहों पर घूम रहे थे. क्योंकि कोविड प्रतिबंध लागू हैं, इसलिए हम उनके शहर में आने और रुकने की वजह की पुष्टि करने के लिए पूछताछ कर रहे हैं. इन सभी का सोमवार को कोविड टेस्ट हुआ है, रिपोर्ट आने का इंतजार है I

टीएमसी ने बताया ‘लोकतंत्र पर हमला’

वहीं, टीएमसी की त्रिपुरा यूनिट ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताया और कहा, कर्मचारियों को पुलिस ने होटल तक ही सीमित कर दिया है. पश्चिम त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक माणिक दास ने कहा कि 22 सदस्यीय आईपैक टीम के सदस्यों से नियमित जांच के तहत अगरतला शहर के एक होटल में पूछताछ की जा रही है. तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष आशीष लाल सिंह ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार दिया I

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र पर हमला है. त्रिपुरा का रहने वाला होने के कारण मैं स्तब्ध हूं. यह त्रिपुरा की संस्कृति नहीं है. त्रिपुरा में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के कुशासन के कारण टीएमसी को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और समर्थन से बीजेपी घबरा गई है. I-PAC की टीम रविवार रात से एक होटल में नजरबंद है. हालांकि, पुलिस इसे नियमित जांच का हिस्सा बता रही है.”

राज्य पुलिस ने टीएमसी के आरोपों को किया खारिज

उन्होंने कहा कि 23 सदस्यों वाली I-PAC टीम एक हफ्ते पहले ही राज्य में पहुंची थी और ‘ग्राउंड जीरो’ पर सर्वे करने के लिए कई स्थानों का दौरा भी किया था. उन्होंने न केवल तृणमूल कांग्रेस के साथ बल्कि अन्य दलों के साथ भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि I-PAC टीम 2023 में अगले विधानसभा चुनाव में राजनीतिक स्थिति और टीएमसी की संभावना का आकलन करने के लिए वहां है. हालांकि, जिला पुलिस प्रमुख ने सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया और कहा आईपैक टीम को नजरबंद नहीं किया गया था. यह एक ‘रूटीन चेक-अप’ था I

पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी सरोज भट्टाचार्जी ने कहा, “उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था. हम उनके दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. वे सभी होटल में हैं.” इस बीच, सूत्रों ने बताया कि इस घटना की सूचना टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और पेशेवर राजनीतिक प्रचारक आईपीएसी प्रमुख प्रशांत किशोर को दी गई है. हालांकि संपर्क करने पर राज्य में बीजेपी के अध्यक्ष माणिक साहा ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है I