October 23, 2021

GST काउंसिल की 45वीं बैठक के फैसले : स्विगी-जोमैटो जैसे ऐप से खाना मंगाना हुआ महंगा, जानिए क्या-क्या हुआ सस्ता

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जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म हो चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फूड डिलिवरी ऐप्स को 5 फीसदी जीसएटी के दायरे में लाने की सिफारिशों को मान लिया गया है. ऐसे में Swiggy, Zomato आदि से खाना मंगाना महंगा हो जाएगा. सूत्रों का कहना है कि Swiggy, Zomato पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा. वहीं, कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक्स और जूस पर 28 फीसदी +12 फीसदी जीएसटी लगेगा. ये फैसले 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे.

जानिए कौन सी चीजें हुई सस्ती?
(1) कोरोना से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी छूट 31 दिंसबर 2021 तक जारी रहेगी. वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की 44वीं बैठक में ब्लैक फंगस की दवाओं पर टैक्स को खत्म करने का फैसला लिया गया था I

इसके अलावा कोरोना से जुड़ी दवाओं और एंबुलेंस समेत अन्य उपकरणों पर भी टैक्स की दरों में कटौती की गई थी. बैठक में कोविड की वैक्सीन पर 5 फीसदी GST को जारी रखने का फैसला किया गया है. GST दरों में यह कटौती दिसंबर 2021 तक लागू रहेगी.

(2) बायोडीजल पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.

(3) आयरन, कॉपर, जिंक और एल्यूमीनियम पर GST बढ़ा दी गई है.

इन पर भी घटा टैक्स
ऑक्सीमीटर पर 12% से घटाकर 5% किया था.
हैंड सेनिटाइजर पर 18% से घटाकर 5% टैक्स.
वेंटिलेटर पर 12% से घटाकर 5% किया था.
रेमडेसिविर पर 12% से 5% किया था.
मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर 12% से घटाकर 5% है.
पल्स ऑक्सीमीटर पर 12% से घटाकर 5% टैक्स किया है.
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर टैक्स की दर को 12% से घटाकर 5% किया है.
इलेक्ट्रिक फर्नेसेज पर टैक्स को 12% से घटाकर 5% किया है.
तापमान मापने के यंत्र पर 12% से घटाकर 5% टैक्स किया है.
हाई-फ्लो नेजल कैनुला डिवाइस पर टैक्स को 12% से घटाकर 5% किया है.
हेपारीन दवा पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया है.
कोविड टेस्टिंग किट पर 12% के बजाए 5% टैक्स किया है.

GST से लगातार बढ़ रही है सरकारों की कमाई
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अगस्त 2021 में सकल जीएसटी रेवेन्यू 1,12,020 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्रीय जीएसटी (CGST) के 20,522 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (SGST) के 26,605 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड जीएसटी के 56,247 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 26,884 करोड़ रुपये सहित) और उपकर (सेस) के 8,646 करोड़ रुपये (माल के इम्पोर्ट पर जमा 646 करोड़ रुपये सहित) हैं. हालांकि, अगस्त में जुटाई गई राशि, जुलाई 2021 के 1.16 लाख करोड़ रुपये से कम है.

अगस्त 2021 में जीएसटी राजस्व, पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 30 प्रतिशत ज्यादा है. जीएसटी कलेक्शन अगस्त 2020 में 86,449 करोड़ रुपये था. मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन अगस्त 2019 में 98,202 करोड़ रुपये था. इस तरह अगस्त 2019 के मुकाबले इस साल अगस्त में कलेक्शन 14 प्रतिशत ज्यादा रहा I

बैठक से पहले ही उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने संकेत दिया था कि वह पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का विरोध करेंगे। काउंसिल की बैठक से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा था कि उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के अंतर्गत लाने के खिलाफ है। उनके साथ में बैठक में शामिल छह अन्य राज्यों के वित्त मंत्री पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में शामिल करने पक्ष में नहीं हैं। इससे तो तय है कि बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने का प्रस्ताव अगर रखा भी जाता है तो वह खारिज हो सकता है।