October 23, 2021

म्यूचुअल फंड में बच्चे भी लगा सकते हैं पैसा, जमा कराने होंगे ये कागजात

Spread the love

अपने बच्चे का भविष्य बनाने के लिए उसके नाम से कई निवेश कर सकते हैं. इसमें स्टॉक मार्केट और म्यूचुअल फंड भी शामिल है. लेकिन ऐसा नहीं है कि फॉर्म में बच्चे का नाम लिख देने भर से निवेश की कानूनी प्रक्रिया को वैध मानी जाएगी. उसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होगा. स्टॉक और म्यूचुअल फंड में अकाउंट होल्डर के नाम में बच्चे का नाम होगा, लेकिन कागजी कार्यवाही उसके पिता के जरिये ही होगी I

यह तो तय बात है कि किसी बच्चे में इतनी क्षमता नहीं होती कि वह स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश कर सके. इसके लिए उसके ‘गार्डियन’ को ही आगे आना होगा. बच्चे के नाम से होने वाले सभी निवेश गार्डियन या अभिभावक की देखरेख में किए जाते हैं. अधिकांश मामलों में अभिभावक बच्चे के माता-पिता ही होते हैं. कुछ अन्य मामलों में कोर्ट भी बच्चे के अभिभावक पर फैसला ले सकता है. निवेश में बच्चे की उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र देने की जरूरत होगी. बच्चे और अभिभावक के बीच क्या रिश्ता है, इसे सिद्ध करने के लिए भी कोई दस्तावेज देना होगा. बच्चे के नाम से निवेश शुरू करने से पहले अभिभावक को अपनी बैंक डिटेल, पैन और केवाईसी में लगने वाले कागज जमा कराने होंगे I

पहले खुलेगा ये खाता
बच्चे के नाम से निवेश शुरू होगा लेकिन उसके अभिभावक को अपने बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करना होगा. हालांकि निवेश पर पूरा मालिकाना हक बच्चे का होगा. बच्चे के नाम से निवेश के लिए जो खाता खुलेगा, वह जॉइंट अकाउंट नहीं होगा और न ही उस खाते में किसी नॉमिनी का नाम होगा. स्टॉक या म्यूचुअल फंड के मामले में अभिभावक ही बच्चे के डीमैट, ट्रेडिंग या बैंक अकाउंट को ऑपरेट करेगा. इसके लिए बच्चे और उसके अभिभावक को अपना पैन देना होगा, तभी स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू होगा I

बच्चे कैसे करते हैं स्टॉक मार्केट में निवेश
इसके लिए माइनर ट्रेडिंग अकाउंट होता है. यह खाता बच्चे के नाम से अभिभावक शुरू करता है जिसके जरिये स्टॉक मार्केट में निवेश शुरू होता है. माइनर ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से ही बच्चे के नाम से इक्विटी डिलीवरी ट्रेड में पैसा लगा सकते हैं. बच्चे इक्विटी इंट्राडे, इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडिंग और करंसी डेरिवेटिव में निवेश नहीं कर सकते. जब नाबालिग बच्चा बालिग हो जाए तो उसके ट्रेडिंग अकाउंट को बंद कर सकते हैं. अब उस बालिग बच्चे के नाम से नया ट्रेडिंग अकाउंट खुलता है और उसमें पहले वाले खाते को शिफ्ट कर दिया जाता है. नया ट्रेडिंग या डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कुछ शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना होता है. बालिग बच्चे के नाम से 3-इन-1 खाता यानी कि बैंक, डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट एकसाथ खोल सकते हैं I

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए क्या करना होगा
नाबालिग बच्चे अपने अभिभावक की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए न्यूनतम सीमा 18 साल रखी गई है. अधिकतम उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है. ऐसे में अगर नाबालिग बच्चे के नाम से म्यूचुअल फंड में निवेश करना है, तो कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा. निवेश के लिए बच्चे के नाम से वर्थ सर्टिफिकेट, मार्क शीट, राज्यों के अलग-अलग बोर्ड, आईसीएसई, सीबीएसई का लीविंग सर्टिफिकेट, बच्चे के नाम से पासपोर्ट और डेट ऑफ बर्थ का प्रूफ दे सकते हैं. आगे चलकर बच्चा अगर अपने अभिभावक के साथ न रहे या अभिभावक की मौत हो जाए तो उसके लिए कुछ अलग से कागजात जमा कराने होंगे. कोई नया अभिभावक बनता है तो उसका पैन और केवाईसी के दस्तावेज देने होंगे I