July 27, 2021

रावत से मुलाकात के बाद बाद अमरिंदर सिंह के बदले सुर, बोले- आलाकमान का फैसला सबको मान्य

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पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष का पेंच आज सुलझने की संभावना है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत की करीब डेढ़ घंटे से सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह से वार्ता समाप्‍त हो गई है। मुलाकात के बाद हरीश रावत ने कहा कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने फिर दोहराया कि उनको आलाकमान का हर निर्णय को मानेंगे। इसके साथ ही आज मैं कोई ब्रेकिंग नहीं दूंगा। दूसरी ओर , नवजोत सिंह सिद्धू आज काफी सक्रिय रहे। इसके बाद साफ हो गया है कि आज शाम या कल पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष के नाम का ऐलान‍ किया जा सकता है।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक के बाद हरीश रावत दिल्‍ली रवाना

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मीटिंग के बाद हरीश रावत दिल्ली रवाना हो गए। उनकी आज पार्टी हाई कमान से मीटिंग के बाद शाम तक नवजोत सिंह सिद्धू के प्रधान बनाने का ऐलान हो सकता है। दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू मंत्रियों और अन्य नेताओं के साथ मीटिंग के बाद पटियाला रवाना हो गए हैं।

हरीश रावत ने कहा- कैप्‍टन ने कुछ मुद्दे रखे, पार्टी आलाकमान को बताएंगे

वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने बातचीत के दौरान अपने कुछ मुद्दे और बातें रखीं। मैंने इन्‍हें नोट कर लिया है और पार्टी आलाकमान को अवगत करवा दूंगा। कैप्‍टन कांग्रेस अध्‍यक्ष और पार्टी का फैसला मानेंगे।

नेताओं व मंत्रियाें से मिले नवजाेत सिंह सिद्धू

बताया जाता है कि वार्ता के लिए रावत के साथ राज्‍य के मंत्री सुंदर श्‍याम अरोड़ा भी पहुंचे हैं। संभावना जताई जा रही है कि रावत सिद्धू की कैप्‍टन से मुलाकात करवा सकते हैं। हरीश रावत को लेने पंजाब सरकार का हेलीकाप्‍टर दिल्‍ली गया था और हेलीपैड से कैप्‍टन अमरिंदर के फार्म हाउस पर प‍हुंचे। इसके बाद दोनों नेताओं की बातचीत शुरू हुई। दूसरी ओर, नवजाेत सिंह सिद्धू राज्‍य के मंत्रियों, वरिष्‍ठ कांग्रेस नेताओं और विधायकों से मुलाकात कर रहे हैं।

रावत के साथ उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा के भी कैप्टन के फार्म हाउस जाने को बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कल ही सोनिया गांधी को इस बारे में लिखा था कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रधान बनाने से हिंदू वर्ग नाराज हो सकता है। इसके अलावा सांसद मनीष तिवारी ने अलग से ट्वीट करके पंजाब में हिंदू, सिख और दलितों की आबादी का ब्योरा डालकर इसे हवा दे दी। दरअसल हिंदू वर्ग के पास इस समय एक भी महत्वपूर्ण पद नहीं है जबकि राज्य में उनकी आबादी 38 फीसदी है।